Summary
पांच साल बाद शुरू हुई कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला दल लिपुलेख दर्रा पार कर तिब्बत (चीन) पहुंच गया है, जहां चीनी सुरक्षा एजेंसियों ने उनके दस्तावेजों की जांच की। इस दल में 48 श्रद्धालु और स्टाफ शामिल थे। वहीं, दूसरा दल भूस्खलन के कारण कुछ देर रुकने के बाद गुंजी पहुंचा। इस वर्ष यात्रा 1738 किलोमीटर की कुल दूरी तय करेगी, जिसमें अधिकांश हिस्सा वाहन से होगा, जिससे यह पहले से अधिक सुलभ हो गई है।