Summary
भारत का एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम 1983 में शुरू हुआ, जिसका उद्देश्य घरेलू मिसाइल प्रौद्योगिकी और रणनीतिक स्वायत्तता प्राप्त करना था। इस कार्यक्रम ने भारत को एक विश्वसनीय मिसाइल निर्माता में बदल दिया और मिसाइल विकास में महत्वपूर्ण तकनीकी स्वतंत्रता हासिल की।